भारत दुनिया का कार विनिर्माण केंद्र बनेगा: पीयूष गोयल

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत वैश्विक प्रौद्योगिकियों से जुड़ते हुए रोजगार, कारोबार और निवेश के नए अवसर पैदा करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और आने वाले समय में दुनिया का प्रमुख कार विनिर्माण केंद्र बनेगा। उन्होंने नई दिल्ली में ‘दिल्ली संवाद: भविष्य के लिए तैयार भारत के लिए नीतियां’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वैश्विक बाजारों से जुड़ाव, आत्मनिर्भरता, गुणवत्ता और युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों को भारत की आर्थिक प्रगति के लिए अहम बताया।
वैश्विक प्रौद्योगिकी और रोजगार पर दोहरा जोर
पीयूष गोयल ने कहा कि भारत का दृष्टिकोण दुनिया की सर्वश्रेष्ठ प्रौद्योगिकियों से जुड़ने के साथ-साथ ऐसे क्षेत्रों की पहचान करना है, जिनमें बड़े पैमाने पर रोजगार और कारोबारी संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक बाजार का हिस्सा बनना चाहता है, ताकि लोगों के लिए रोजगार, स्टार्टअप के लिए अवसर और युवाओं के लिए नए विचारों को आगे बढ़ाने का मंच तैयार हो सके।
एफटीए से भारतीय कारोबार को मिलेंगे नए अवसर
केंद्रीय मंत्री ने मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) के जरिए वैश्विक बाजारों के साथ भारत के बढ़ते जुड़ाव का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विकसित अर्थव्यवस्थाओं के साथ साझेदारी से दोनों पक्षों को फायदा हो सकता है। भारत को उन्नत प्रौद्योगिकियों और उच्च गुणवत्ता वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों तक पहुंच मिलेगी, जबकि कपड़ा, जूते, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में भारत अपनी क्षमताओं का लाभ उठा सकता है।
‘दुनिया के लिए भारत के दरवाजे व्यापक रूप से खुले हैं’
पीयूष गोयल ने वैश्विक जुड़ाव और आत्मनिर्भरता के बीच संतुलन पर जोर देते हुए कहा कि भारत दुनिया के लिए अपने दरवाजे बंद नहीं कर रहा, बल्कि उन्हें व्यापक रूप से खोल रहा है। उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़ाव भारत के लिए विकास और अवसरों का माध्यम बनेगा।
ट्रिलियन डॉलर के निर्यात का लक्ष्य
गोयल ने भारत के आर्थिक विकास और निर्यात के लिए महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने ट्रिलियन डॉलर के निर्यात लक्ष्य को हासिल करने की भारत की क्षमता पर विश्वास जताया और कहा कि ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए देश को बड़े राष्ट्रीय लक्ष्यों के साथ आगे बढ़ना होगा।
बढ़ती घरेलू मांग से विनिर्माण को मिलेगा बल
पीयूष गोयल ने कहा कि 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की भारत की महत्वाकांक्षा के लिए उन क्षेत्रों की पहचान जरूरी है, जो आर्थिक विकास में बड़ा योगदान दे सकते हैं। उन्होंने 1.4 अरब लोगों की बढ़ती वस्तु और सेवा मांग को घरेलू उद्योग तथा अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए बड़े अवसर के रूप में बताया। इलेक्ट्रॉनिक्स और व्हाइट गुड्स की बढ़ती मांग से सेमीकंडक्टर कारखानों समेत घरेलू विनिर्माण में निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
पर्यटन में रोजगार और कारोबार की बड़ी संभावनाएं
केंद्रीय मंत्री ने पर्यटन को रोजगार और कारोबार के नए अवसर पैदा करने वाला महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर्यटन को बढ़ावा देने की दक्षता बढ़ा सकता है, लेकिन इस क्षेत्र में मानवीय अनुभव की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रहेगी।
भारतीय खान-पान को वैश्विक पहचान दिलाने पर जोर
गोयल ने भारत की पाक विरासत और क्षेत्रीय विविधता का भी उल्लेख किया। उन्होंने फिल्टर कॉफी, रसम, इडली और डोसा जैसे भारतीय खाद्य उत्पादों की वैश्विक क्षमता पर चर्चा करते हुए कहा कि भारत की विविध खाद्य परंपराएं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए अवसर पैदा कर सकती हैं।
युवा आबादी भारत की बड़ी ताकत
उन्होंने भारत के जनसांख्यिकीय लाभ को देश की प्रमुख ताकत बताया। गोयल ने कहा कि जब कई अर्थव्यवस्थाएं बढ़ती उम्र की आबादी की चुनौती का सामना कर रही हैं, तब भारत की युवा आबादी देश के लिए बड़ा अवसर है। उन्होंने जर्मनी और जापान जैसे देशों में भारतीय श्रमिकों की मांग का भी उल्लेख किया और कहा कि भारतीय पेशेवर अंतरराष्ट्रीय बाजारों में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
भारत बनेगा वैश्विक कार विनिर्माण केंद्र
पीयूष गोयल ने विश्वास जताया कि भारत कार निर्माण के लिए वैश्विक केंद्र के रूप में उभरेगा। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे भारतीय बाजार की मांग व्यवहार्य स्तर तक पहुंचेगी, अंतरराष्ट्रीय ऑटोमोबाइल निर्माता भारत में तेजी से विनिर्माण बढ़ाएंगे। ब्रिटेन और यूरोपीय संघ से कार आयात के लिए तय कोटा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इनमें मुख्य रूप से महंगी कारें शामिल हैं, जबकि कम कीमत वाले खंड को नहीं खोला गया है।
पुणे में विनिर्माण संयंत्रों का दिया उदाहरण
केंद्रीय मंत्री ने उन लक्जरी ऑटोमोबाइल निर्माताओं का उदाहरण दिया, जिन्होंने शुरुआत में भारतीय बाजार का परीक्षण किया और बाद में पुणे में विनिर्माण संयंत्र स्थापित किए। उन्होंने कहा कि भारत में वैश्विक वाहन निर्माताओं को आकर्षित करने और वैश्विक कार निर्माण में अपनी स्थिति मजबूत करने की पर्याप्त क्षमता है।
वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए गुणवत्ता जरूरी
केंद्रीय मंत्री ने भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता मजबूत करने में गुणवत्ता को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने नीति निर्माताओं, उद्योग जगत और भारतीय मानक ब्यूरो तथा भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण जैसे संस्थानों से गुणवत्ता मानकों में लगातार सुधार के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया।
‘विश्व स्तरीय गुणवत्ता अपनाई तो भारत को कोई नहीं रोक सकता’
पीयूष गोयल ने कहा कि यदि भारत विश्व स्तरीय गुणवत्ता मानकों को अपनाता है और उनका लगातार अभ्यास करता है, तो दुनिया में कोई भी शक्ति देश को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में दुनिया को भारत की ओर देखना होगा।
