By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
CENNEWSCENNEWSCENNEWS
  • होम पेज
  • मुंबई
  • राष्ट्रीय
  • जम्मू-कश्मीर
  • उत्तर प्रदेश
  • हमारे बारे में
  • संपर्क करें
Search
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Reading: अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा और एआई में भारत-ब्रिटेन सहयोग बढ़ाने पर जोर: जितेंद्र सिंह
Share
Sign In
Notification Show More
Font ResizerAa
CENNEWSCENNEWS
Font ResizerAa
  • About
  • Advertise
  • Careers
  • Contact
Search
  • About
  • Advertise
  • Careers
  • Contact
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
CENNEWS > ब्लॉग > National > अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा और एआई में भारत-ब्रिटेन सहयोग बढ़ाने पर जोर: जितेंद्र सिंह
National

अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा और एआई में भारत-ब्रिटेन सहयोग बढ़ाने पर जोर: जितेंद्र सिंह

cennews
Last updated: October 12, 2026 9:54 pm
By cennews
Share
7 Min Read
अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा और एआई में भारत-ब्रिटेन सहयोग बढ़ाने पर जोर: जितेंद्र सिंह
अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा और एआई में भारत-ब्रिटेन सहयोग बढ़ाने पर जोर: जितेंद्र सिंह
SHARE

अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा और एआई में भारत-ब्रिटेन सहयोग बढ़ाने पर जोर: जितेंद्र सिंह

अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा और एआई में भारत-ब्रिटेन सहयोग बढ़ाने पर जोर: जितेंद्र सिंह

अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा और एआई में भारत-ब्रिटेन सहयोग बढ़ाने पर जोर: जितेंद्र सिंह

भारत और ब्रिटेन ने अंतरिक्ष, नागरिक परमाणु ऊर्जा, वैज्ञानिक अनुसंधान और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने ब्रिटेन के व्यापार, नवाचार, विज्ञान और व्यापार राज्य मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। बैठक में स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर, स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों, स्टार्टअप्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), क्वांटम प्रौद्योगिकी और चिकित्सा अनुसंधान सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने वैज्ञानिक क्षमताओं का लाभ उठाकर अनुसंधान, नवाचार और व्यावसायिक सहयोग के नए अवसर तलाशने पर जोर दिया।

अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत में अंतरिक्ष क्षेत्र में किए गए सुधारों ने निजी कंपनियों, स्टार्टअप्स और प्रौद्योगिकी विकासकर्ताओं के लिए नए अवसर खोले हैं। इससे स्थापित अनुसंधान संस्थानों को उन्नत अनुसंधान और प्रौद्योगिकी विकास पर अधिक ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि भारत और ब्रिटेन अनुसंधान साझेदारी, प्रौद्योगिकी विकास, निवेश और उद्योगों की भागीदारी बढ़ाकर इस क्षेत्र में सहयोग का विस्तार कर सकते हैं।

800 अंतरिक्ष स्टार्टअप्स के अनुभव का लाभ उठाने की पहल

बैठक में अंतरिक्ष विज्ञान, उपग्रह विकास और अनुसंधान के क्षेत्र में सहयोग के साथ दोनों देशों के वैज्ञानिक संस्थानों तथा प्रौद्योगिकी कंपनियों के बीच बेहतर तालमेल पर चर्चा हुई। भारत में लगभग 800 अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी स्टार्टअप्स की मौजूदगी का उल्लेख करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने भारतीय और ब्रिटिश स्टार्टअप्स तथा छोटी कंपनियों के बीच संपर्क बढ़ाने का प्रस्ताव रखा। इससे नवाचार को प्रोत्साहन देने, आपूर्ति श्रृंखला मजबूत करने और व्यावसायिक अवसरों का विस्तार करने में मदद मिल सकती है।

नागरिक परमाणु ऊर्जा और स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर पर चर्चा

नागरिक परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में डॉ. जितेंद्र सिंह ने भारत में किए जा रहे सुधारों और परमाणु ऊर्जा के विकास में व्यापक भागीदारी के लिए बनाए जा रहे अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने ‘भारत के बदलाव के लिए परमाणु ऊर्जा का टिकाऊ इस्तेमाल और विकास (शांति) अधिनियम, 2025’ का भी उल्लेख किया। बैठक में स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर (एसएमआर), उन्नत परमाणु प्रौद्योगिकियों और संबंधित औद्योगिक क्षमताओं में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई। बढ़ती ऊर्जा जरूरतों, औद्योगिक विकास, विद्युतीकरण और डेटा केंद्रों की बढ़ती बिजली मांग के संदर्भ में इन प्रौद्योगिकियों के महत्व पर भी विचार किया गया।

परमाणु चिकित्सा और स्वास्थ्य अनुसंधान में साझेदारी की संभावना

डॉ. जितेंद्र सिंह ने बिजली उत्पादन के अलावा भारत के परमाणु कार्यक्रम के अन्य उपयोगों, विशेष रूप से परमाणु चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं में इसके योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने रेडियोआइसोटोप और कैंसर संबंधी अनुसंधान में भारत की गतिविधियों का उल्लेख करते हुए जीवन विज्ञान तथा चिकित्सा अनुसंधान में ब्रिटेन की विशेषज्ञता के साथ सहयोग की संभावनाओं पर जोर दिया। दोनों देशों के बीच उष्णकटिबंधीय बीमारियों के क्षेत्र में ऐतिहासिक वैज्ञानिक सहयोग को भी जैव चिकित्सा अनुसंधान के विस्तार का महत्वपूर्ण आधार बताया गया।

एआई, क्वांटम प्रौद्योगिकी और साइबर सुरक्षा पर विचार-विमर्श

वार्ता में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम प्रौद्योगिकी, साइबर-फिजिकल सिस्टम और साइबर सुरक्षा जैसे उभरते क्षेत्रों पर भी चर्चा हुई। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि एआई भविष्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और इसके लाभों को अधिकतम करने के लिए इसका प्रभावी इस्तेमाल जरूरी है। उन्होंने स्थानीय जरूरतों और उपलब्ध संसाधनों के अनुरूप छोटे पैमाने के एआई मॉडल विकसित करने की दिशा में भारत की रुचि का उल्लेख किया। दोनों पक्षों ने नई प्रौद्योगिकियों के व्यावहारिक इस्तेमाल, उनसे जुड़े जोखिमों के प्रबंधन और महत्वपूर्ण प्रणालियों की सुरक्षा के लिए साइबर सुरक्षा को मजबूत करने की जरूरत पर भी विचार किया।

क्वांटम अनुसंधान और उन्नत सेंसर में सहयोग के अवसर

दोनों देशों ने क्वांटम प्रौद्योगिकी, उन्नत सेंसर, ग्रेविमीटर और अंतरिक्ष आधारित भू-स्थानिक अनुप्रयोगों में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। इस दौरान अंतरिक्ष विज्ञान और उभरती प्रौद्योगिकियों के समन्वय से संयुक्त अनुसंधान तथा नए अनुप्रयोग विकसित करने की जरूरत पर जोर दिया गया। वैज्ञानिक संस्थानों, विशेषज्ञों और उद्योगों के बीच बेहतर संपर्क को अनुसंधान क्षमताओं को व्यावहारिक परिणामों में बदलने के लिए महत्वपूर्ण माना गया।

ब्रिटेन ने अनुसंधान और व्यावसायिक साझेदारी का किया समर्थन

ब्रिटेन के मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स ने दोनों देशों के बीच बढ़ते संपर्क का स्वागत किया। उन्होंने संस्थानों के बीच नियमित संवाद, अनुसंधान एवं नवाचार साझेदारी और व्यावसायिक सहयोग की संभावनाओं पर जोर दिया। ब्रिटेन की अंतरिक्ष रणनीति का उल्लेख करते हुए उन्होंने शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए नागरिक परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग आगे बढ़ाने में रुचि व्यक्त की। उन्होंने एआई को ब्रिटेन की आगामी जी-20 अध्यक्षता की प्राथमिकताओं में शामिल बताते हुए तकनीकी नवाचार और उत्पादकता बढ़ाने के लिए भारत-ब्रिटेन साझेदारी की संभावनाओं का भी स्वागत किया।

रणनीतिक प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में साझेदारी मजबूत करने की दिशा

बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व डॉ. जितेंद्र सिंह ने किया। इसमें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के सचिव प्रो. उमेश वाघमारे और विभाग में अंतरराष्ट्रीय द्विपक्षीय सहयोग के सलाहकार एवं प्रमुख डॉ. प्रवीणकुमार सोमसुंदरम शामिल थे। ब्रिटिश प्रतिनिधिमंडल में मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स, भारत में ब्रिटेन की उच्चायुक्त लिंडी कैमरन और ब्रिटेन के व्यापार, नवाचार, विज्ञान एवं व्यापार विभाग की अंतरिम स्थायी सचिव अमांडा ब्रूक्स शामिल थीं। वार्ता का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की पूरक वैज्ञानिक और औद्योगिक क्षमताओं का लाभ उठाते हुए संस्थागत संबंधों को मजबूत करना तथा रणनीतिक प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में अनुसंधान, नवाचार और पारस्परिक रूप से लाभकारी सहयोग के व्यावहारिक अवसर विकसित करना रहा।

You Might Also Like

भारत दुनिया का कार विनिर्माण केंद्र बनेगा: पीयूष गोयल

India To Host First BIMSTEC Home Ministers’ Meeting In New Delhi On October 13

PM Dhan-Dhaanya Krishi Yojana: Gaya Tops District Rankings, Khet Bachao Abhiyan From October 22

मां ब्रह्मचारिणी : तप, त्याग और अटूट संकल्प की दिव्य प्रतिमूर्ति

प्रधानमंत्री मोदी ने चेन्नई में 13,000 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का किया शुभारंभ, कहा- राज्यों के विकास से ही बनेगा विकसित भारत

TAGGED: अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा और एआई में भारत-ब्रिटेन सहयोग बढ़ाने पर जोर: जितेंद्र सिंह

Sign Up For Daily Newsletter

Be keep up! Get the latest breaking news delivered straight to your inbox.
[mc4wp_form]
By signing up, you agree to our Terms of Use and acknowledge the data practices in our Privacy Policy. You may unsubscribe at any time.
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article जम्मू-कश्मीर को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में प्रयास तेज जम्मू-कश्मीर को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में प्रयास तेज
Next Article भारत दुनिया का कार विनिर्माण केंद्र बनेगा: पीयूष गोयल भारत दुनिया का कार विनिर्माण केंद्र बनेगा: पीयूष गोयल
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Stay Connected

235.3kFollowersLike
69.1kFollowersFollow
11.6kFollowersPin
56.4kFollowersFollow
136kSubscribersSubscribe
4.4kFollowersFollow
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

भारत दुनिया का कार विनिर्माण केंद्र बनेगा: पीयूष गोयल
भारत दुनिया का कार विनिर्माण केंद्र बनेगा: पीयूष गोयल
National October 12, 2026
जम्मू-कश्मीर को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में प्रयास तेज
जम्मू-कश्मीर को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में प्रयास तेज
Jammu and Kashmir October 12, 2026
India To Host First BIMSTEC Home Ministers’ Meeting In New Delhi On October 13
India To Host First BIMSTEC Home Ministers’ Meeting In New Delhi On October 13
National October 12, 2026
Rajnath Singh Felicitates Services Athletes For Record 27-Medal Haul At Asian Games 2026
Rajnath Singh Felicitates Services Athletes For Record 27-Medal Haul At Asian Games 2026
Sports October 12, 2026
//

We influence 20 million users and is the number one business and technology news network on the planet

CENNEWSCENNEWS
Follow US
© 2026 cennews.in. Designed by Adcraft India. All Rights Reserved.
  • Advertise
Join Us!

Subscribe to our newsletter and never miss our latest news, podcasts etc..

[mc4wp_form]
Zero spam, Unsubscribe at any time.
CEN News official Logo CEN News official Logo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?