‘परियोजना सक्षम’ से ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रहा एनएचएआई

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‘परियोजना सक्षम’ से ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रहा एनएचएआई

‘परियोजना सक्षम’ से ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रहा एनएचएआई

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण समावेशी विकास को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता के तहत ‘परियोजना सक्षम’ के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं के कौशल विकास और आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा दे रहा है। वर्टिस फाउंडेशन के सहयोग से संचालित यह पहल महिलाओं और वंचित समुदायों को स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने पर केंद्रित है।

कौशल विकास के जरिए आत्मनिर्भरता पर जोर

‘परियोजना सक्षम’ का उद्देश्य केवल कौशल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि दीर्घकालिक वित्तीय आत्मनिर्भरता और सामाजिक सशक्तिकरण सुनिश्चित करना भी है। यह पहल देशभर में संचालित 12 प्रशिक्षण केंद्रों के नेटवर्क के माध्यम से काम कर रही है, जहां ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को उद्योग-प्रासंगिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

अब तक इस कार्यक्रम के तहत 6,000 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है, जिनमें से 4,000 से ज्यादा को विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार मिला है। लाभार्थी औसतन 13,000 से 16,000 रुपए प्रतिमाह की आय अर्जित कर रहे हैं, जो कई राज्यों में प्रवेश स्तर के वेतन से अधिक मानी जा रही है।

महिलाओं की भागीदारी सबसे अधिक

इस पहल की सबसे खास बात यह है कि इसके 80% से अधिक लाभार्थी महिलाएं हैं। इससे स्पष्ट होता है कि कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण और जेंडर समावेशन पर विशेष ध्यान दिया गया है।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्गों के आसपास रहने वाले समुदायों, खासकर ग्रामीण महिलाओं को बुनियादी ढांचा विकास से उत्पन्न आर्थिक अवसरों का प्रत्यक्ष लाभ मिलना चाहिए। इसी सोच के तहत यह पहल कौशल, रोजगार और वित्तीय आत्मनिर्भरता के बीच की दूरी को कम करने का प्रयास कर रही है।

ग्रामीण समुदायों के साथ जमीनी स्तर पर काम

‘परियोजना सक्षम’ की एक बड़ी विशेषता इसका जमीनी सहभागिता मॉडल है। फील्ड टीमें ग्रामीण परिवारों के साथ सीधे संपर्क में रहकर विश्वास कायम करती हैं और सामाजिक-सांस्कृतिक बाधाओं को दूर करने का प्रयास करती हैं। इससे महिलाओं को पहली बार कौशल विकास और रोजगार कार्यक्रमों में शामिल होने का अवसर मिल रहा है।

प्रतिभागियों को बिजली कार्य, प्लंबिंग, उपकरण मरम्मत, सिलाई, जनरल ड्यूटी असिस्टेंट नर्सिंग और मल्टी-स्किल तकनीशियन जैसे विभिन्न व्यावसायिक कौशलों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इन पाठ्यक्रमों को बाजार की जरूरतों के अनुसार तैयार किया गया है, ताकि प्रशिक्षित युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ सके।

आर्थिक और सामाजिक बदलाव का माध्यम बन रही पहल

कई प्रतिभागियों के लिए यह पहल जीवन बदलने वाला अनुभव साबित हुई है। इससे उन्हें आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल करने और अपने परिवार तथा समुदाय के लिए नई संभावनाएं तैयार करने का अवसर मिला है।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने कहा कि अवसंरचना विकास केवल सड़क और कनेक्टिविटी तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसके जरिए सामाजिक और आर्थिक समावेशन को भी बढ़ावा मिलना चाहिए। ‘परियोजना सक्षम’ इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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