PM के चेहरे के बिना चुनाव में उतरेगा महागठबंधन, नतीजे आने के बाद होगा फैसला

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ साल 2019 के लोकसभा चुनाव में महागठबंधन बिना प्रधानमंत्री के चेहरे के मैदान में उतरेगा. सूत्रों के मुताबिक चुनाव नतीजे आने के बाद ही महागठबंधन के प्रधानमंत्री उम्मीदवार पर फैसला लिया जाएगा.

साल 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हराने के लिए कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों ने कमर कस ली है. महागठबंधन ने प्रधानमंत्री के चेहरे के बिना लोकसभा चुनाव में उतरने की रणनीति बनाई है.
सूत्रों के मुताबिक लोकसभा चुनाव जीतने और सरकार बनाने के लिए कांग्रेस ने दो चरणों में अपना फॉर्मूला तैयार किया है. इसके तहत पहले चरण में कांग्रेस सभी दलों के साथ गठबंधन करके लोकसभा चुनाव में बीजेपी और नरेंद्र मोदी को हराने की रणनीति अपनाएगी. फिर दूसरे चरण में चुनाव के बाद प्रधानमंत्री उम्मीदवार पर फैसला लिया जाएगा यानी महागठबंधन का पीएम कौन होगा, यह चुनाव नतीजे आने के बाद ही तय होगा.
सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी ने यह भी कहा कि मोदी अगली बार पीएम तभी बनेंगे, जब 230 से 240 सीटों पर जीत दर्ज करेंगे, लेकिन मुझे भरोसा है कि अगर गठबंधन सटीक बैठता है, तो यूपी, बिहार और महाराष्ट्र में हमें ज्यादा सीटें मिलेंगी. वहीं, मोदी को गठबंधन के सहयोगी प्रधानमंत्री नहीं बनने देंगे और बीजेपी को सत्ता गंवानी पड़ेगी.
इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष ने शिवसेना के साथ गठबंधनको खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि शिवसेना के साथ वैचारिक मतभेद हैं, जिसके चलते उसके साथ गठबंधन संभव नहीं है. अगर नरेंद्र मोदी  पीएम का चेहरा नहीं होंगे, तो टीडीपी और शिवसेना बीजेपी के साथ जा सकते हैं. राहुल गांधी ने कहा, ‘हम दो चरणों में लोकसभा चुनाव की रणनीति बना रहे हैं. पहले चरण में बीजेपी हराओ का लक्ष्य होगा और फिर दूसरे चरण में सीटें तय करेंगी कि पीएम कौन होगा.
EVM पर राहुल गांधी ने फिर सवाल उठाए
सूत्रों ने बताया कि इस बीच राहुल गांधी ने EVM पर एक बार फिर से सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि जब भी EVM में गड़बड़ी होती है, तो वोट कमल को ही क्यों जाता है, BSP या किसी और पार्टी को क्यों नहीं जाता है? EVM पर सभी विरोधी दल मिलकर चर्चा कर रहे हैं. हम सभी मिलकर इस पर फैसला लेंगे.
मुस्लिम पार्टी वाले विवाद पर दी सफाई
राहुल गांधी ने कांग्रेस को मुस्लिम पार्टी बताने वाले बयान पर भी सफाई दी है. उन्होंने कहा, ‘अखबार बेचने के लिए मुस्लिम पार्टी के विवाद को पैदा किया गया. मैंने कहा था कि कांग्रेस अल्पसंख्यकों, किसानों, गरीबों, दलितों और सभी की पार्टी है. इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष ने राम मंदिर विवाद पर यह कहते हुए कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि यह मामला अभी कोर्ट में चल रहा है. लिहाजा वो इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते.

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