CBI के बाद अब CVC पर सवाल, आलोक वर्मा ने नकारे सहयोग ना करने के आरोप

सीबीआई में छिड़ी जंग अब धीरे-धीरे राजनीतिक मुद्दा बनती जा रही है. विपक्षी पार्टियां इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेर रहे हैं, तो वहीं सरकार की तरफ से इस मामले को निपटाने की कोशिश की जा रही है.

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देश की प्रतिष्ठित जांच एजेंसी केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) में चल रहा घमासान अभी तक थमा नहीं है. केंद्र सरकार की तरफ से भले ही CBI डायरेक्टर आलोक वर्मा और स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना को छुट्टी पर भेज दिया हो. लेकिन अभी बवाल जारी है. विपक्ष ने अब नागेश्वर राव को अंतरिम डायरेक्टर बनाने पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.

सूत्रों की मानें तो नागेश्वर राव की नियुक्ति से पहले सीवीसी और एसीसी ने सरकार से भी मंथन किया था. जिस पर अब विपक्ष सवाल खड़े कर रहा है.

वहीं, दूसरी तरफ आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना का मामला अभी कोर्ट में है, इसलिए सरकार की ओर से इस मुद्दे पर दखल देने से इनकार कर दिया गया है. सरकारी सूत्रों की मानें तो सरकार का कहना है कि इस विवाद को रोका जा सकता था, हालांकि अभी वह सरकार की तरफ से मुद्दा खत्म ही मान रहे हैं.

सीबीआई के बाद अब सीवीसी पर सवाल!

बुधवार को सीबीआई सूत्रों के हवाले से खबर आई थी कि डायरेक्टर आलोक वर्मा ने सीवीसी की जांच में सही सहयोग नहीं किया. अब आलोक वर्मा के करीबियों ने इस बात का खंडन किया है. जबकि सीबीआई का कहना है कि उनकी तरफ से सीवीसी को सिर्फ इतना ही कहा गया था कि कुछ फाइलें काफी महत्वपूर्ण हैं, जिन मामलों पर अभी जांच चल रही है.

आलोक वर्मा ने सरकार पर उठाए सवाल

एक तरफ सीबीआई के मुद्दे पर सियासी बवाल चल रहा है तो वहीं सीबीआई के डायरेक्टर पद से छुट्टी पर भेज दिए जाने के खिलाफ आलोक वर्मा कोर्ट चले गए हैं. आलोक वर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपनी याचिका में कहा है कि सरकार कई मामलों में हस्तक्षेप कर कर रही थी. उन्होंने उन्हें छुट्टी पर भेजने के फैसले को भी असंवैधानिक बताया.

क्या है मामला?

गौरतलब है कि CBI ने राकेश अस्थाना (स्पेशल डायरेक्टर) और कई अन्य के खिलाफ कथित रूप से मीट कारोबारी मोइन कुरैशी की जांच से जुड़े सतीश साना नाम के व्यक्ति के मामले को रफा-दफा करने के लिए घूस लेने के आरोप में FIR दर्ज की थी. इसके एक दिन बाद डीएसपी देवेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया गया. इस गिरफ्तारी के बाद मंगलवार को सीबीआई ने अस्थाना पर उगाही और फर्जीवाड़े का मामला भी दर्ज किया.

सीबीआई के निदेशक आलोक वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के बीच छिड़ी इस जंग के बीच, केंद्र ने सतर्कता आयोग की सिफारिश पर दोनों अधिकारियों को छु्ट्टी पर भेज दिया. और जॉइंट डायरेक्टर नागेश्वर राव को सीबीआई का अंतरिम निदेशक बना दिया गया. चार्ज लेने के साथ ही नागेश्वर राव ने मामले से जुड़े 13 अन्य अधिकारियों का ट्रांसफर कर दिया.

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