सिद्धार्थनगर बहुजन समाज पार्टी के द्वारा आज सदर तहसील के प्रांगण में डा.भीमराव अम्बेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर अपनी एकता और ताकत का प्रदर्शन किया।

सिद्धार्थनगर बहुजन समाज पार्टी के द्वारा आज सदर तहसील के प्रांगण में डा.भीमराव अम्बेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर अपनी एकता और ताकत का प्रदर्शन किया। बस्ती मंडल के सभी प्रमुखजनों को सिद्धार्थनगर में आमन्त्रित कर बसपा प्रत्याशी आफताब आलम ने जहां पार्टी के नेताओं में अपनी लोकप्रियता साबित की,

6

सिद्धार्थनगर बहुजन समाज पार्टी के द्वारा आज सदर तहसील के प्रांगण में डा.भीमराव अम्बेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर अपनी एकता और ताकत का प्रदर्शन किया। बस्ती मंडल के सभी प्रमुखजनों को सिद्धार्थनगर में आमन्त्रित कर बसपा प्रत्याशी आफताब आलम ने जहां पार्टी के नेताओं में अपनी लोकप्रियता साबित की, वहीं बसपा के मुकामी खांटी कैडरों की शत प्रतिशत उपस्थिति करा कर उन्होंने पार्टी की ताकत दिखाई। बाबा साहब के परिनिर्वाण दिवस पर जिले में अब तक का सबसे भव्य और कैडरयुक्त आयोजन कर आफताब आलम ने संकेत दे दिया है कि आने वाले चुनाव में चुनौती बेहद शक्तिशाली होगी।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बसपा के पूर्व सांसद और मुख्य जोन इंचार्ज घनश्याम चन्द्र खरवार और विशिष्ट अतिथि के रुप में बसपा के पूर्व मंत्री राम प्रसाद चैधरी व पूर्व सांसद भीष्म शंकर उर्फ कुशल तिवारी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में बाबा साहब को श्रद्धाजंति अर्पित करने के साथ मंच पर दबे कुचले समाज को लेकर हुकारें भी भरी जा रहीं थीं। मुख्य अतिथि घनश्याम खरवार बाबा साहब अम्बेडकर द्वारा दलित और दबे कुचले समाज के लिए बाबा साहब द्वारा किये गये कार्यों का हवाला देकर दलितों को आत्म सम्मान और वर्तमान केन्द्र सरकार को उखाड़ फेंकने का आहवान कर रहे थे। दूसरी तरफ पूर्व सांसद राम प्रसाद चैधरी पिछड़ा वर्ग को यह समझाने की सफल कोशिश में थे कि पिछड़ा वर्ग के हितों की रक्षा के लिए बाबा साहब ने कैसे कैसे प्रयास किये और वर्तमान में बहन मायावती जी की नीतियों से आगे चल कर उन्हें कितना फायदा हाने वाला है। मंच पर मौजूद बसपा के दिग्गज सवर्ण समाज के नेता कुशल तिवारी ने भी सवर्ण समाज सहित सर्वसमाज के लिए मायावती जी को समय की आवश्यकता बताया । बसपा के डुमरियागंज के प्रभारी आफताब आलम ने बाबा साहब अंबेडकर के चर्चा में उनके लिए मुस्लिम समाज द्वारा अपनी सीट देने, सावित्री बाई फुले को दलितों की शिक्षा के लिए जगह न मिलने पर मुस्लिम महिला द्वारा अपना घर देने की बात कर दलितों और अल्पसंख्यकों को स्वाभाविक मित्र बता कर उनके गठजोड़ की मजबूती की बात किया।

You might also like More from author

Leave A Reply

Your email address will not be published.