सड़क पर घायल किसान, योगी बोले- आजादी के बाद हम सबसे संवेदनशील

आंदोलन कर रहे किसानों पर एक ओर पुलिस ने आंसू गैस और पानी की बौछारें छोड़ी और कई को घायल कर दिया, तो दूसरी ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कहते हैं कि आजादी के बाद की वर्तमान केंद्र सरकार सबसे संवेदनशील सरकार है.

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दिल्ली से सटे गाजीपुर में किसान अपने आंदोलन को लेकर डटे हुए हैं. मंगलवार की सुबह सीमा पर किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने पानी की बौछारें की और आंसू गैस के गोले छोड़े जिससे उनमें खासी नाराजगी है. मामले को तूल पकड़ता देख सरकार अब इस आंदोलन को खत्म करने में जुटी है.

पुलिस की ओर से किसानों पर की गई ज्यादतियों के बाद कृषि राज्यमंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने उनसे बात की और उनकी समस्याएं सुलझा लेने का भरोसा दिलाया. शेखावत ने किसानों से अपनी बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेती को मनरेगा में शामिल करने के लिए 6 मुख्यमंत्रियों का एक पैनल बनाने की घोषणा की है.

अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी किसानों के मामले सुलझाने और उनके हित में काम करने की बात कही. आदित्यनाथ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि सरकार किसानों की मांग को लेकर गंभीर है.

उन्होंने आगे कहा कि लघु और सीमांत किसानों के कर्ज माफ किए जा चुके हैं. हमने बंद पड़ी चीनी मिलों को चलाया. हमारी सरकार ने बकायों का भुगतान किया.

मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने कहा कि किसानों के हित के लिए केंद्र सरकार ने कई कल्याणकारी कदम उठाए हैं. पहली चीज यह कि हमने केंद्र सरकार की नीतियों की वजह से लघु और सीमांत किसानों के कर्ज माफ किए.

उन्होंने आगे कहा कि पिछले साढ़े 4 सालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में केंद्र सरकार ने किसानों की समस्याओं को सुलझाने की कोशिश की है. आजादी के बाद से देश की यह सबसे संवेदनशील सरकार है.

उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार किसी राजनीतिक पार्टी ने किसानों के मामले को अपने एजेंडा में शामिल किया. मोदी सरकार किसानों के साथ है और उसने उनकी समस्याओं को सुलझाने के लिए काम किया है. किसानों के हित के लिए कई कदम उठाए गए हैं.

दूसरी ओर, राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी किसानों की स्थिति को लेकर सरकार के रवैये की आलोचना की. उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों से किया वादा पूरा नहीं किया. यही कारण है कि किसान आंदोलन पर उतर आए हैं. यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और हम पूरी तरह से किसानों के साथ हैं.

इससे पहले, अपनी मांगों को लेकर हरिद्वार से चला हजारों किसानों का काफिला दिल्ली की सरहद तक पहुंच गया. मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन की अगुवाई वाला मार्च गाजियाबाद पहुंचा और यहां पर पुलिस से झड़प हुई. यूपी-दिल्ली बॉर्डर पर पुलिस ने बैरिकैडिंग कर दी थी, जहां किसान और पुलिस के बीच तीखी बहस हो गई. इस दौरान पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए पानी की बौछारें की और आंसू गैस के गोले छोड़े.

किसानों और पुलिस के बीच हुए संघर्ष के बाद किसानों के प्रतिनिधियों ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की. इस दौरान कृषि राज्यमंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी मौजूद रहे. मुलाकात के बाद कृषि राज्यमंत्री ने बयान दिया कि अधिकतर मांगों पर सहमति बन गई है, किसानों को इस बात की जानकारी दी जा रही है.

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