लोकसभा चुनाव 2019 : सपा-बसपा गठबंधन से भी उम्मीद लगाए बैठें हैं कई छोटे दल

लोकसभा चुनाव 2019 की आहट के साथ ही छोटे दलों में भी हलचल शुरू हो गई है। प्रदेश में सपा-बसपा के बीच होने वाले गठबंधन से छोटे दल को भी उम्मीदें हैं।

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लोकसभा चुनाव 2019 की आहट के साथ ही छोटे दलों में भी हलचल शुरू हो गई है। प्रदेश में सपा-बसपा के बीच होने वाले गठबंधन से छोटे दल को भी उम्मीदें हैं। हालांकि बसपा के मुकाबले सपा से उम्मीदें ज्यादा हैं।

पीस पार्टी, निषाद पार्टी व महान दल की सपा से चल रही बातचीत

पिछले विधानसभा चुनाव में सपा के साथ मिलकर लड़ चुकी पीस पार्टी अपने सहयोगी दल निषाद पार्टी के साथ सपा से कुछ सीटें पाने की उम्मीद लगाए बैठी है। पीस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा.अय्यूब इस बार डुमरियागंज सीट से चुनाव लड़ सकते हैं मगर डा.अय्यूब का कहना है कि यह फैसला सपा-बसपा गठबंधन करेगा। निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा.संजय सिंह निषाद के बेटे प्रवीण निषाद ने लोकसभा उपचुनाव में सपा के टिकट पर गोरखपुर से जीत हासिल की थी। महान दल के अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य की भी फतेहपुर सीकरी या एटा में किसी एक सीट पर अपनी पत्नी को गठबंधन का प्रत्याशी बनाना चाह रहे हैं। अगर बात नहीं बनी तो वह कम से कम 20 प्रत्याशी तो इस चुनाव में उतारेंगे।

‘आप’ के साथ मिलकर लड़ सकता है अपना दल (कृष्णा पटेल)

दूसरी तरफ कृष्णा पटेल की अगुवाई वाले अपना दल ने भी प्रदेश की 30 सीटों को चिह्नित करते हुए गठबंधन में अपनी सम्भावनाएं तलाशनी शुरू कर दी हैं। सपा-बसपा के गठबंधन में गुंजाइश न बनने पर अपना दल (कृष्णा पटेल) आम आदमी पार्टी के साथ गठजोड़ कर सकती है। वहीं ‘आप’ के राष्ट्रीय महासचिव व यूपी प्रभारी संजय सिंह ने कहा कि दोनों पार्टियां यूपी में कितनी-कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेंगी, यह फरवरी में तय होगा।

भासपा कर सकती हैं भाजपा से किनारा

जहां तक एनएडीए में शामिल ओम प्रकाश राजभर की सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी का सवाल है तो उन्होंने यूपी में आगे का सफर भाजपा के साथ तय करने में दुश्वारियां जता दी हैं। राजभर ओबीसी के लिए गठित सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट लोकसभा चुनाव से पहले लागू न किए जाने पर प्रदेश की सभी 80 लोकसभा सीटों पर अकेले ही लड़ने का ऐलान कर चुके हैं। प्रवक्ता राना अजीत प्रताप सिंह के मुताबिक, घोसी, सलेमपुर, सुल्तानपुर, अकबरपुर और जौनपुर की सीटें अगर नहीं मिली तो सिर्फ यूपी में ही नहीं बल्कि महाराष्ट्र, बिहार और पंजाब में भी अन्य पार्टियों के साथ तालमेल कर अपना प्रत्याशी उतारने से भी नहीं हिचकेंगे।

फिलहाल एनडीए में ही रहेगा अपना दल (एस)

अपना दल (एस) के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष सिंह पटेल का कहना है कि हम एनडीए के साथ थे और उन्हीं के साथ रहेंगे। भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व से अभी सीटों को लेकर बात नहीं हुई है लेकिन सम्मानजनक सीटें दिए जाने की उम्मीद तो रखते ही हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव में हम 11 सीटों पर लड़े थे और नौ सीटें जीती थीं वहीं लोकसभा में दोनों सीटों पर जीत दर्ज की थी। फूलपुर, मिर्जापुर, डुमरियागंज, बांदा, मछलीशहर, मिश्रिख, कैसरगंज आदि सीटों पर हमारी तैयारी शुरू हो गयी है।

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