रोजगार पर मोदी के दावे को Cong ने बताया आंकड़ों से खिलवाड़, याद दिलाया गडकरी का बयान

रोजगार को लेकर पीएम मोदी द्वारा किए गए दावे को लेकर जुबानी जंग तेज हो गई है कांग्रेस ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के बयान का हवाला देते हुए कहा कि पीएम और उनके मंत्री का बयान विरोधाभासी.

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पिछले एक साल में एक करोड़ रोजगार देने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दावे पर कांग्रेस ने पलटवार किया है. कांग्रेस का कहना है कि मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री नितिन गडकरी खुद कह चुके हैं कि देश में नौकरियां नहीं हैं, पीएम मोदी द्वारा कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफओ) के आकड़ों को नौकरी कहना गलत है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एक साक्षात्कार में रोजगार पर दिए गए वक्तव्य पर कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि सरकार की तरफ से विरोधाभासी बयान दिए जा रहे हैं. कभी कहा जाता है कि आंकड़े नहीं हैं, तो कभी कहते हैं कि साल में एक करोड़ नौकरी दी. ईपीएफओ के आंकड़ों को नौकरी बताना गलत है.

उन्होंने कहा कि ट्रकों के क्लीनर को रोजगार बताना आंकड़ों के साथ खिलवाड़ करना है. कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि आंकड़े बताते हैं नोटबंदी से असंगठित क्षेत्र में एक करोड़ से ज्यादा नौकरियां गई हैं. सरकार ने लेबर ब्यूरो का सर्वे रोक दिया ताकी सही आंकड़े सामने न आएं. वहीं मुद्रा योजना के 51 फीसदी लाभार्थियों का लोन 23000 रुपए है. इससे क्या होगा ?

बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने समाचार एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में कहा था कि जब भारत दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच सबसे तेजी से विकास कर रहा है तो फिर ये कैसे कहा जा सकता है कि रोजगार के मोर्चे पर कुछ भी नहीं हो रहा है. लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर दिए अपने भाषण को दोहराते हुए पीएम मोदी ने सवाल किया कि देश में निवेश बढ़ रहा है, सड़क निर्माण, रेल लाइन बिछाने का काम, सोलर पार्क बनाने और ट्रांसमिशन लाइन के विस्तार का काम तेजी से हो रहा है, तो फिर कैसे कहा जा सकता है कि नये रोजगार नहीं मिलेंगे ?

वहीं कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफओ) के आंकड़ों का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा था कि 45 लाख नये खाते खोले गये हैं और पिछले 9 माह के दौरान 5.68 लाख लोग नई पेंशन स्कीम से जुड़े हैं. इससे पता चलता है कि पिछले साल में 1 करोड़ से ज्यादा लोगों को रोजगार मिले हैं. पीएम ने यह भी कहा कि रोजगार को लेकर चलाया जा रहा दुष्प्रचार अब बंद होना चाहिये. क्योंकि लोगों को अब इससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ने वाला नहीं है.

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