मोगा में करवाया गया स्टेट किसान मजदुर सेमीनार किसानो और मजदूरो को आर्थिक संकट से निकालने का एक ही हल किसानो को मिले फसलो के वाजिब दाम

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किसानो और मजदूरो के संकट को देखने और उनके समधान के मुद्दे को लेकर पंजाबी सभ्याचारक सथ की और से एक विशेष सेमिनार का आयोजन करवाया गया जिसमे भारी गिनती में मजदूरो और किसानो ने भाग लिया सेमीनार की परधानगी  पंजाब के उच्च कोटि के नावल कार बलदेव सिंह सडक नामा ,प्रोफेसर के एल गर्ग ने की इस मोके फारमर कमिश्नर पंजाब डाक्टर बलेद्र्व सिंह ने विशेष तोर पर शिरकत की इस मोके अलग अलग विद्वानों और खेती माहरो ने केन्द्र और स्टेट सरकारों को किसानो और मजदूरो की हो रही दुर्दशा के लिए जिमेदार ठहराया विद्वानों का कहना था की सरकार की नितियो के कारन किसानो की हर साल आमदन कम हो रही है और खर्चे बड रहे है जिसके कारन किसान और मजदुर अताम्हात्याए कर रहा है उन्होंने कहा की किसानो और मजदूरो को आर्थिक संकट से निकालने का एक ही हल की किसानो को उनकी  फसलो के वाजिब दाम मिले

इस मोके फारमर कमिशनर पंजाब डाक्टर बलविंदर सिंह ने बतया की किसानो और मजदूरो की आर्थिक दशा के सुधार करने के लिए किसानो के संघटन बना कर जिसमे उनकी राये लेकर एक सांझे तोर निति बना कर पंजाब सरकार को दी गई है उन्होंने कहा की किसानो दुवारा स्वामी नाथन की रिपोर्ट के मुताबिक फसलो के भाव करने की मांग की जा रही है लेकिन इस रिपोर्ट को लेकर भी कोई हल नही निकल रहा और केन्द्र सरकार को इसके बारे पूरी जानकारी दी जा चुकी है उन्होंने कहा जब तक किसानो को उनकी फसलो के भाव किसानो के किये गये खर्चे से 50 प्रतिशत ज्यदा नही मिलते उतनी देर किसानो के सर पर आर्थिक संकट मंडराता रहेगा

डाक्टर बलविंदर सिंह फारमर कमिश्नर पंजाब

वही इस मोके किसान आगू बलौर सिंह और निर्भय सिंह ढूडी ने कहा की किसानो की आर्थिक हालत तब ही सुधर सकती है अगर फसलो की खरीद में बिचोलिये समाप्त हो जाये पुरे देश में किसान संघर्ष कर रहे है लेकिन कोई सुनवाई नही हो रही सरकार किसानो को उनकी फसलो के अच्छे भाव दे उन्होंने कहा की पंजाब के दिवालियेपन की सब से बड़ी निशानी यह है की किसानो के बच्चे लाखो रूपये कर्ज उठा कर विदेशो में जा रहे है जिसका कारन है की किसानो के बच्चो का भविष्य साफ नही है उन्होंने कहा की सरकार खुद ही पंजाब में ज्यदा धान की फसल लगाने को कह रही है कयोकी किसानो को पहले बिजली की सप्लाई नही दी गई और किसानो ने कोई दूसरी फसल नही लगाईं अब 20 जून से सभी किसान धान की बोआई में जुट जायेगे अगर किसानो को पहले बिजली दी गई होती तो किसान दूसरी फसले बीज लेते सरकार खुद किसानो को समाप्त करने पर तुली हुयी है

किसान निर्भय सिंह आगू

बलौर सिंह आगू

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