मोगा के गाँव सुखा नन्द में छपड़ की जमीन पर कब्ज़ा कर बनाये अवेद कमरों को जे सी बी से गिराया

मोगा के गाँव सुखा नन्द में छपड़ की जमीन पर कब्ज़ा कर बनाये अवेद कमरों को जे सी बी से गिराया ! छपड़ की जमीन कर कब्ज़ा कर गाँव का ही एक परिवार कल से रहने लगा था प्रशाशन ने चलायी जे सी बी !

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मोगा जे कस्बा बाघापुराना के गाँव सुखानंद में छपड़ की जमीन पर कुछ ही दिनों में कब्ज़ा कर बनाये कमरों को प्रशाशन ने गाँव वाले की शिकायत से जे सी बी की मदद से गिराया ! गाँव सुखा ननद की छपड़ की जमीन करीब ३३ कनाल बताई जा रही है लेकिन इस छपड़ की जमीन पर कई लोगो ने कब्ज़े किये हुए है लेकिन अब प्रशाशन इस जमीन की निशान देहि करवाई बाकी हुए कब्जों को भी हटा सकता है ! वहीँ ताज़ा मामला है की कुछ दिन पहले गाँव के इस छपड़ पर सामने के घर वाले कब्ज़ा कर वहां दीवारे करने लगे लेकिन इसी दौरान गाँव के ही बूटा सिंह ने प्रशाशन की शिकायत की और प्रशाशन द्वारा कुछ दिन पहले उनको ऐसे करने को रोकने को कहा लेकिन कल इस जगह पर दो कमरे बना वहां चमकौर सिंह के परिवार को रहने के लिए दे दिया लेकिन शिकायत के चलते बी डी ओ , पंचायत अदिकारी और पुलिस की मौजूदगी ने आज जे सी बी से इस कब्ज़े को हटाया गया और आगे इस जमीन की निशान देहि करवाने की बात कही ! वहीँ चमकौर सिंह ने कहा यहाँ पहले से कूड़ा करकट फैंका हुआ था उसकी घर में अपने भाई के साथ लड़ाई हुयी थी तो उन्होहने कहा कमरा डाल रहा था ! चमकौर ने कहा की सरकार तो दावे करती है जमीन देने की लेकिन उसका तो आशियाना भी चीन लिया उसने तो करीब २ लाख रूपए लगये थे चमकौर के मुताबिक और भी घर है लेकिन उसके कमरे हटा दिए ! और अब उनके पास रहने को कोई जगह नहीं !

वहीँ इस कमरों पर चली जे सी बी के बाद जब हमने वहां का मंजर देखा तो एक चमकौर सिंह अपने छोटे बच्चों और पत्नी के साथ वहां बैठा और और घर का सारा सामान बिखरा पड़ा था और बच्चो की थाली में रोटी जिसे देख ऐसा लगता है की बच्चो के खाना खाते हुए यह जे सी बी चलाई गयी ! वहीँ इस परिवार के हक़ में आये कुछ लोग और पूर्व सरपंच ने कहा की यहाँ कल ही गरीब चमकौर रहने लगा था और वो भी कल ही रहने लगा था उन्होंने बताया की उन्होंने तो सरकार से ५ मरले जमीन के लिए भी अप्लाई किया था लेकिन कुछ नहीं मिला ! लेकिन यह आत्महत्या करना चाहता था तो गाँव के कुछ लोगो ने इसको यहाँ घर बनाने के लिए कहा लेकिन यह गरीब का घर नही रहने दिया जब की यहाँ और बहुत सारे घर कब्ज़े के चलते बने हुए ! उन्होंने कहा की उनके गाँव का बूटा सिंह गाँव में कुछ भी नहीं होने देता !

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