भगवान गणेश से पहले चूहे की पूजा करते हैं यहां के लोग

15

गणेश चतुर्थी आने वाली है। देश के कई हिस्सों में लोगों ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। लेकिन, मैसूर में इस त्योहार को इस तरह मनाने की कोई खास प्रथा नहीं है। वहीं दूसरी तरफ मैसूर के कुछ परिवार पिछली पांच पीढ़ियों से गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की जगह उनके वाहन यानी मूषक की पूजा करते हैं।

मान्यता है कि मूषक (चूहा) भगवान गणेश का वाहन है। मैसूर में करीब 25 परिवार अपने घरों में मूषक की मूर्ति लगाते हैं और उसकी पूजा करते हैं। इन लोगों की आस्थाओं को देखते हुए कुछ मूर्तिकार भगवान गणेश के वाहन की मूर्ति बनाते हैं। बताया जाता है कि ये परिवार आर्य समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। ये 25 परिवार हर गणेश चतुर्थी पर मूषक महोत्सव मनाते हैं। ये परिवार मूल रूप से देवनागरे जिले के राजाना हाली के रहने वाले हैं, लेकिन अब मैसूर में रहते हैं।

इन्हीं परिवारों में से एक के सदस्य राजेंद्र ने बताया, ‘अपनी पांच पीढ़ियों से हम भगवान गणेश के वाहन मूषक की पूजा कर रहे हैं। इस प्रथा के बारे में मेरे दादा ने मुझे एक कहानी सुनाई थी। उन्होंने बताया था कि हमारी पांचवी पीढ़ी में बाकी जगहों की तरह ही गणेश भगवान की पूजा होती थी, लेकिन इसके बाद भी सुख शांति नहीं थी। एक दिन भगवान गणेश उनके सपने में आए और कहा कि सिर्फ मेरी पूजा करने से कुछ नहीं होगा। आपको मेरे वाहन मूषक की पूजा भी करनी होगी।’ राजेंद्र ने बताया कि इसके बाद हमारे परिवार में गणेश जी के साथ-साथ मूषक की पूजा भी धूमधाम से होने लगी।

You might also like More from author

Leave A Reply

Your email address will not be published.