बिच्छू वाले बयान पर बढ़ीं थरूर की मुश्किलें, चलेगा आपराधिक मानहानि केस

कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर पर आपराधिक मानहानि का ये मुकद्दमा इसलिए दायर किया गया है क्योंकि शशि थरूर द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘बिच्छू’ कहकर टिप्पणी की गई थी.

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कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर की मुश्किलें और बढ़ती हुई नजर आ रही हैं. शशि थरूर के खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि मामले को कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है. ये याचिका बीजेपी कार्यकर्ता राजीव बब्बर की तरफ से पटियाला कोर्ट में लगाई गई है. याचिकाकर्ता राजीव बब्बर की याचिका पर पटियाला हाउस कोर्ट ने संज्ञान लेने के बाद अगली सुनवाई में राजीव बब्बर को शिकायत की गवाही की लिस्ट कोर्ट को देने के निर्देश दिए है.

कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर पर आपराधिक मानहानि का ये मुकद्दमा इसलिए दायर किया गया है क्योंकि शशि थरूर द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘बिच्छू’ कहकर टिप्पणी की गई थी. कोर्ट अगर याचिकाकर्ता के दिये गए साक्ष्यों से संतुष्ट हुआ तो अगली सुनवाई यानी 22 दिसंबर को मामले की अगली सुनवाई के दौरान शशि थरूर को कोर्ट नोटिस जारी कर सकता है.

दिल्ली बीजेपी नेता राजीव बब्बर ने अपनी याचिका में पटियाला हाउस कोर्ट को सुनवाई के दौरान कहा है कि शशि थरूर के इस बयान से बीजेपी कार्यकर्ताओं, आरएसएस के कार्यकर्ताओं और प्रधानमंत्री मोदी के समर्थकों को गहरा धक्का लगा है. प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 2014 का लोकसभा चुनाव और उसके कई बाद कई विधानसभा चुनाव बीजेपी ने जीते हैं. शशि थरूर के बिच्छु वाले बयान से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि को खराब करने की कोशिश की गई है. शशि थरूर के खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि मामले पर पटियाला हाउस कोर्ट में दिसंबर में सुनवाई होनी है.

बता दें कि पटियाला हाउस कोर्ट में शशि थरूर पर एक और मुकद्दमा चल रहा है, जिसमें वो बतौर आरोपी कोर्ट से जमानत पर है. ये मामला 2014 में उनकी पत्नी सुनंदा पुष्कर की मौत से जुड़ा हुआ है. इस मामले में दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में दाखिल की गई अपनी चार्जशीट में शशि थरूर को अपनी पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है.

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