पानी की किल्लत से जूझता गांव

6
बुंदेलखंड का किसान बदहाली से जूझ रहा है, किसानो के उत्धान के प्रति सरकार के दावे पूरे तरह खोखले साबित हो रहे है, इसका जीता जागता नमूना है बाँदा जनपद के कमासिन क्षेत्र के बेनामऊ गांव, जहाँ पर सरकारी लगे कई ट्यूबवेल महीनों से खराब पड़ान हुए है ! बारिस भी नही हो पा रही हैं जिससे किसान सिचाई के लिए परेशान है, लेकिन समस्या की जानकारी देने के बाद भी बिभाग के अधिकारियों के कानों की जूं तक नही रेंग रही और न ही अधिकारिओ का फोन रिसीब हो रहा है ।
 मामला बाँदा जनपद के कमासिन क्षेत्र के बेनामऊ गाँव का है जहाँ पर दो महीनों से सरकारी ट्यूबबेल बिगड़े पड़े, है न ही कोई बनवाने आता है और न ही अधिकारियों के फोन रिसीब होते है, बारिस न होने पर किसान परेशान हैं, धान की बेड भी नही बो पा रहे हैं !
किसानों ने बताया कि दो महीने पहले तेज आंधी आई थी जिसमेविधुत के कई पोल टूट गए थे, जिससे किसानों ने उच्च अधिकारियों को सूचना भी दिया था मगर अभी तक नही कोई कार्यवाही हुई न ही बना, किसानों ने बताया कि हम अपने पैसो से विधुत पोल लेकर आये थे, लाइनमैन ने ट्रान्सफार्मर नीचे उतार कर रख दिया था, अब ट्रान्सफार्मर नही चढ़ा रहे है । किसान ने बताया की जब अधिकारियों से इस विषय मे बात करने के लिए करते है तो फोन ही नही उठता है । अब धान की बेड बोना था इसीलिए किसान परेशान है !
किसानों को चिंता सता रही है लेकिन यहां के प्रतिनिधि हाथ मे रखे हुए है इसीलिए सरकार के दावे व वादे फेल होते दिख रहे है ! किसानो ने बताया की गांव के ज्यादातर ट्यूबवेल ख़राब पड़े है, अधिकारिओ द्धारा इस पर लापरवाही बरती जा रही, ट्यूबवेल न बनने से हम फसल कैसे ऊगा पाएंगे, हर किसान के लिए ये चिंता बनी हुई है, अगर यही हाल रहा रहा तो हम सब भुखमरी की कगार पर आ जायेंगे, अब तो हमे ये चिंता सता रही है की अगर फसल बुआई नहीं होगी तो हमारा परिवार कैसे पालेगा और हम और हमारा परिवार दो जून की रोटी कैसे खा पायेंगे ! किसानो ने बताया की जानवरो तक को पीने का पानी मिल रहा है, जिससे गांव में जानवरो तक की मौते हो रही है !
बाइट (१) – जयकरण (किसान)
बाइट (२) – शिवकरन (किसान)
बाइट (३) – अखिलेश कुमार_ (किसान)
बाइट (४) – शिववरन (किसान)
बाइट (५) – पुत्तू (किसान)
बाइट (६) – शारदा प्रसाद (किसान)

 

You might also like More from author

Leave A Reply

Your email address will not be published.