गुजरात में बढ़े UP-बिहार वालों पर हमले, अब तक 342 गिरफ्तार, बंद बुलाया गया

इस बीच कांग्रेस विधायक अल्पेश ठाकोर ने घोषणा की कि इन हमलों के मद्देनजर उनके समर्थकों के खिलाफ दर्ज किये गये ‘‘झूठे मामलों’’ को यदि सरकार ने वापस नहीं लिया तो वह 11 अक्टूबर से ‘सद्भावना’ उपवास करेंगे.

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गुजरात के साबरकांठा जिले में 14 माह की बच्ची से बलात्कार की घटना के बाद गैर-गुजरातियों पर कथित तौर पर हमला करने के मामलों में गुजरात के विभिन्न भागों से पुलिस ने अब तक 342 लोगों को गिरफ्तार किया है.

इस घटना के बाद राज्य के कई हिस्सों में गैर-गुजरातियों, खासतौर पर उत्तर प्रदेश और बिहार के रहने वाले लोगों को निशाना बनाया जा रहा है. कांग्रेस नेता अल्पेश ठाकोर ने आज गुजरात बंद भी बुलाया है.

गत 28 सितम्बर को एक बच्ची के साथ कथित रूप से बलात्कार करने के लिए बिहार के एक निवासी को गिरफ्तार किये जाने के बाद गैर-गुजरातियों को निशाना बनाया गया और सोशल मीडिया पर घृणा संदेश फैलाये गये.

इस बीच इस मुद्दे पर राजनीति भी गर्माती जा रही है. कांग्रेस नेता संजय निरूपम ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री को घेरा है. उन्होंने बयान दिया कि प्रधानमंत्री के गृह राज्य में अगर यूपी, बिहार, MP के लोगों को मारकर भगाया जा रहा है, तो एक दिन पीएम को भी वाराणसी जाना है इसे याद रखना. वाराणसी के लोगों ने उन्हें गले लगाया है और प्रधानमंत्री बनाया है.

पुलिस ने क्या दिया बयान?

पुलिस महानिदेशक शिवानंद झा ने पत्रकारों को बताया,‘‘मुख्य रूप से छह जिले (हिंसा से) प्रभावित हुए है. मेहसाणा और साबरकांठा सबसे अधिक प्रभावित हुए है. इन जिलों में, 42 मामलें दर्ज किये गये है और अब तक 342 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. जांच के दौरान आरोपियों के नाम सामने आने के बाद और लोगों को गिरफ्तार किया जायेगा.’’

उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में राज्य रिजर्व पुलिस (सीआरपी) की 17 कंपनियों को तैनात किया गया है. उन्होंने कहा,‘‘गैर-गुजराती के निवास क्षेत्रों और उन कारखानों में जहां वे काम करते हैं, वहां सुरक्षा बढ़ा दी गई है, पुलिस ने इन इलाकों में गश्त भी बढ़ा दी है.’’DGP ने बताया कि सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाने के लिए दो मामलें दर्ज किये गये है.

हमलों के बाद गैर-गुजरातियों के पलायन के बारे में पूछे गये एक सवाल के जवाब में झा ने कहा कि आने वाले त्योहारों के मद्देनजर वे अपने मूल राज्यों के लिए रवाना हो सकते है.

उन्होंने कहा कि सबसे अधिक प्रभावित जिले गांधीनगर में पुलिस अधिकारियों को शिविरों का आयोजन करने और स्थानीय नेताओं के साथ संवाद करने के निर्देश दिये गये है. उन्होंने कहा कि जिलों में अतिरिक्त सुरक्षा बल और वाहन उपलब्ध कराये गये है.

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