गंगा सफाई की बात करने वाले मठ और अखाड़े, कुंभ में बिसलेरी के सहारे

हैरानी इस बात की है कि इस साल मेले की तैयारी के लिए प्रयागराज और आसपास के इलाकों में कुम्हार परिवारों को अभी तक भंडारे समेत मेला संबंधित किसी आयोजन के लिए मिट्टी के बर्तन का ऑर्डर नहीं मिला है.

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पर्यावरण मंत्रालय ने 2019 की शुरुआत में प्रयागराज में आयोजित होने वाले कुंभ मेला को प्लास्टिक प्रदूषण से मुक्त रखने का दावा सितंबर में कर दिया. मंत्रालय ने दावा किया कि मेला में किसी भी तरह की प्लास्टिक इस्तेमाल नहीं की जाए इसकी खास तैयारी की जा रही है. इस दावे को परखने पर पाया गया कि बिसलेरी की शक्ल में मिनरल वॉटर पहले ही कुंभ मेला में जगह बना चुका है.

एक महीने तक चलने वाले इस मेले में देशभर से दर्जनों धार्मिक मठ और अखाड़े प्रवास के लिए पहुंचते हैं. पूरे महीने के दौरान जहां इन मठों और अखाड़ों में दिनभर धर्मसभाएं और प्रवचन होते हैं वहीं मेला पहुंचने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए भंडारा भी चलाया जाता है. लेकिन हैरानी इस बात की है कि इस साल मेले की तैयारी के लिए प्रयागराज और आसपास के इलाकों में कुम्हार परिवारों को अभीतक भंडारे समेत मेला संबंधित किसी प्रायोजन के लिए मिट्टी के बर्तन का ऑर्डर नहीं मिला है.

बीते कई दशक से इलाहाबाद फोर्ट के पास स्थित बैरहना मोहल्ले में कुम्हार जाति के 100 परिवार मौजूद हैं. ये परिवार जहां सालभर गंगा किनारे मिट्टी निकालकर शहर के लिए मिट्टी के बर्तन बनाते हैं वहीं प्रति वर्ष होने वाला मेला इनके लिए बड़ी कमाई लेकर आता है.

 

 

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