केंद्र सरकार के देश के छह प्रमुख हवाई अड्डों को निजी हाथों में सौंपे

केंद्र सरकार के देश के छह प्रमुख हवाई अड्डों को निजी हाथों में सौंपे जाने के फैसले के खिलाफ एयरपोर्ट अथारिटी ऑफ इंडिया (एएआइ) ने सोमवार को भूख हड़ताल शुरू की है।

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केंद्र सरकार के देश के छह प्रमुख हवाई अड्डों को निजी हाथों में सौंपे जाने के फैसले के खिलाफ एयरपोर्ट अथारिटी ऑफ इंडिया (एएआइ) ने सोमवार को भूख हड़ताल शुरू की है। इस दौरान लोकल इकाई के प्रधान कुलदीप ¨सह के नेतृत्व में केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। कुलदीप ¨सह और दीपक बग्गा के बाद सुरजीत ¨सह और संजीव कुमार ने भी भूख हड़ातल में हिस्सा लिया। रात के समय यूनियन के राकेश कुमार, हरजीत ¨सह और विकाश कुमार भी भूख हड़ताल पर बैठे।

एयरपोर्ट अथारिटी ऑफ इंडिया इंप्लाइज यूनियन के प्रधान कुलदीप ¨सह ने अपने साथियों को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र में मोदी की सरकार बनने के बाद देश के बड़े एयरपो‌र्ट्स को प्राइवेट हाथों में देने की कोशिश की, लेकिन उनके विरोध के बाद बात ठंडे बस्ते में चली गई। अब कुछ महीनों बाद चुनाव है तो एक बार फिर केंद्र सरकार ने लखनऊ, अहमदाबाद, जयपुर, गुवाहाटी, मंगलौर और त्रिवेंद्रम के एयरपो‌र्ट्स का प्राइवेटाइजेशन किए जाने की बात उठाई है। एएआइ यूनियन सेक्रेटरी विजय कुमार ने कहा कि कि इसका वे खुल कर विरोध करते हैं। भूख हड़ताल शुरू कर दी है। वे लोग बारी-बारी से भूख हड़ताल पर बैठेंगे।

काम नहीं होगा प्रभावित

काम प्रभावित न हो इसके लिए छुट्टी वाले दिन ही कर्मचारी इसमें शामिल होंगे। यह भूख हड़ताल 12 दिसंबर तक जारी रहेगी। अगर इसके बाद भी केंद्र सरकार ने अपना फैसला नहीं बदला तो वे अपने साथियों सहित 28 दिसंबर को सामूहिक कैजुअल लीव पर जाएंगे। एयरपोर्ट बनाए एएआइ और ऑपरेशन हो प्राइवेट

यूनियन के प्रधान कुलदीप ¨सह ने कहा कि देश के एयरपो‌र्ट्स तो एयरपोर्ट अथारिटी ऑफ इंडिया बनाती है। जब एएआइ एयरपोर्ट बना सकती है तो उसे ऑपरेट करने की कला भी बखूबी जानती है। देश के दो बड़े एयरपोर्ट दिल्ली और मुंबई का प्रवाइवेटजाइजेशन साल 2006-2007 में किया गया था और आज वे दोनों घाटे में चल रहे हैं। यहां तक कि दिल्ली एयरपोर्ट को ऑपरेट करने वाली एजेंसी पर एयरपोर्ट की सुरक्षा में तैनात सीआइएसएफ का भुगतान अभी बकाया है।

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