आत्मदाह करने जा रहे महंत परमहंसदास गिरफ्तार, मंदिर निर्माण की मांग पर अड़े थे

आत्मदाह की धमकी देने वाले परमहंस दास गिरफ्तार

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अयोध्या। बाबरी विध्वंस की तिथि 6 दिसंबर को राममंदिर निर्माण के लिए आत्मदाह की धमकी देने वाले तपस्वी छावनी आश्रम के उत्तराधिकारी महंत परमहंस दास को पुलिस ने सोमवार देर रात गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने महंत को मंगलवार को सीजेएम कोर्ट में पेश किया, जहां उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

राममंदिर निर्माण की मांग को लेकर परमहंस दास पहले भी आमरण अनशन कर चुके हैं। जब भी पुलिस ने उन्हें उठाकर पीजीआई में भर्ती कराया था। जिसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें जूस पिलाकर उनका आमरण अनशन तोड़वाया था। आमरण अनशन तोड़ने के बाद भी परमहंस दास धार्मिक अनुष्ठानों के जरिए राममंदिर निर्माण की मांग बुलंद करते रहे।

परमहंस दास ने एलान किया था कि यदि पांच दिसंबर तक राममंदिर पर सरकार कुछ नहीं करती है तो वह 6 दिसंबर को अपने आश्रम पर आत्मदाह कर लेंगे। इसके लिए चिता पूजन भी किया था और सोमवार को ही बाबरी विचारधारा विध्वंस यज्ञ कर मुस्लिमों को राममंदिर के समर्थन में आने की अपील की थी।

सोमवार देर रात महंत परमहंस दास को गिरफ्तार कर मंगलवार को कड़ी सुरक्षा में सीजेएम की कोर्ट में पेश किया गया। सीजेएम वरुण मोहित निगम ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में 17 दिसंबर तक के लिए जेल भेज दिया। इस दौरान पूरी कचहरी छावनी में तब्दील रही। चौकी नयाघाट के इंचार्ज ने उनके खिलाफ आत्महत्या के प्रयास, जान से मार डालने की धमकी देने समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

एसपी सिटी अनिल सिंह सिसौदिया ने बताया कि परमहंस दास लगातार आत्मदाह करने की धमकी दे रहे थे। उनके विरुद्घ मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना की जा रही थी। उन्होंने आत्मदाह करने के लिए सामान भी एकत्र कर लिया था। कहा कि वे संत है उनके प्राणों की रक्षा हमारी जिम्मेदारी है। इसलिए उन्हें गिरफ्तार करना पड़ा।

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