अवैध खनन में सीबीआइ की बड़ी कार्रवाई, आइएएस चंद्रकला के घर ढाई घंटे छानबीन

आइएएस अधिकारी बी. चंद्रकला के आवास पर सीबीआइ की एक टीम ने आज छापा मारा। उस समय बी.चंद्रकला अपने आवास में नहीं थीं।

7

लखनऊ, जेएनएन। इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देश पर उत्तर प्रदेश में खनन घोटाला की जांच कर रही सीबीआइ की टीमों ने आज देश में 12 जगह पर छानबीन की। इसी कड़ी में हमीरपुर की जिलाधिकारी रहीं तेज तर्रार तथा सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहने वाली आइएएस अधिकारी बी. चंद्रकला के आवास पर छानबीन की गई।कार्रवाई कर बाहर निकले सीबीआई अधिकारियों ने इस संबंध में मीडिया से कोई बात नहीं की।

लखनऊ में सीबीआइ की एक टीम ने उनके आवास पर करीब ढाई घंटा तक पड़ताल की। उस समय बी.चंद्रकला अपने आवास में नहीं थीं। बंद पड़े आवास की सीबीआइ ने करीब 10:30 बजे से छानबीन की। इसके बाद एक बजे जब टीम बाहर निकली तो उसके पास काफी कागज थे। बी. चंद्रकला इसी वर्ष मई में अपने मूल कॉडर यानी उत्तर प्रदेश लौटी हैं। उनका लखनऊ में योजना भवन के पास सफायर अपार्टमेंट में आवास है। 2008 बैच की आइएएस अफसर बी चंद्रकला लखनऊ में हैवलॉक रोड पर सफायर अपार्टमेंट के फ्लैट नम्बर 101 में रहती हैं। सीबीआइ की टीम ने इसी आवास पर छापा मारा।

हमीरपुर में हुए अवैध खनन के मामले में सीबीआई ने तत्कालीन डीएम बी. चन्द्रकला के लखनऊ आवास पर छापा मारा। टीम ने घर कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। अखिलेश यादव की सरकार में बी. चन्द्रकला की पोस्टिंग हमीरपुर जिलाधिकारी के पद पर की गई थी। आरोप है कि इस आईएएस ने जुलाई 2012 के बाद हमीरपुर जिले में 50 मौरंग के खनन के पट्टे किए थे। ई-टेंडर के जरिए मौरंग के पट्टों पर स्वीकृति देने का प्रावधान था लेकिन बी. चन्द्रकला ने सारे प्रावधानों की अनदेखी की थी। माना जा रहा है कि करोड़ों के खनन घोटाले के सिलसिले में सीबीआई ने छापा मारा। बी. चंद्रकला बेहद तेज तर्रार छवि की अधिकारी मानी जाती है। वह सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय रहती है। बीते दिसंबर में उन्होंने लखनऊ मेट्रो के सफर के दौरान अपनी सेल्फी सोशल मीडिया पर डाली थी, जो कि काफी चर्चित रही थी।

देश की धाकड़ महिला आईएएस अधिकारी के तौर पर जानी जाने वाली बी. चंद्रकला हमेशा सोशल मीडिया पर छाई रहती हैं। उनकी तस्वीरों को लोग इतना पसंद करते हैं कि वो जैसे अपने फेसबुक पोस्ट पर अपनी कोई तस्वीर डालती हैं, वो तुरंत ही वायरल हो जाती है। यहां तक कि वो अपनी तस्वीरों पर लाइक्स पाने के मामले में प्रधानमंत्री मोदी सहित कई बॉलीवुड सितारों को भी पीछे छोड़ चुकी हैं। बी. चंद्रकला तेलंगाना के करीमनगर की रहने वाली हैं और वो 2008 बैच की यूपी कैडर की आईएएस अधिकारी हैं। अपने कामों को लेकर हमेशा ही चर्चा में रही हैं। साल 2014 में उनका एक वीडियो भी वायरल हुआ था, जब वो बुलंदशहर की डीएम थीं। उस वीडियो ने सोशल मीडिया पर सनसनी मचा दी थी।

चंद्रकला हमीरपुर और बुलंदशहर की डीएम रह चुकी हैं और उन पर डीएम रहते हुए अवैध खनन कराने का आरोप है। यह अवध खनन घोटाला अखिलेश यादव की सरकार के दौरान हुआ था। इस छापेमारी से अखिलेश यादव की भी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। अदालत ने इस मामले की जांच के आदेश दिए थे।

सीबीआई ने इस छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए हैं। चंद्रकला पर आरोप है जब उनकी पोस्टिंग हमीरपुर जिले के जिलाधिकारी (डीएम) के रूप में की गई थी तो उस दौरान उन्होंने मौरंग के 50 खनन पट्टे आवंटित किए थे, जबकि इसके लिए पहले टेंडर देने का नियम था। इन अवैध खनन पट्टों को लेकर स्थानीय लोगों ने बड़ा प्रदर्शन भी किया था। 2015 में इसे लेकर हाइकोर्ट में एक याचिका भी दायर हुई थी जिसके बाद कोर्ट ने हमीरपुर में जारी किए गए सभी पट्टे अवैध घोषित करते हुए रद कर दिए थे।

बी. चंद्रकला बेहद तेज तर्रार छवि की अधिकारी मानी जाती है। वह सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय रहती है। बीते दिसंबर में उन्होंने लखनऊ मेट्रो के सफर के दौरान अपनी सेल्फी सोशल मीडिया पर डाली थी, जो कि काफी चर्चित रही थी। बी. चंद्रकला तेलंगाना के करीमनगर की रहने वाली हैं और वो 2008 बैच की यूपी कैडर की आईएएस अधिकारी हैं। अपने कामों को लेकर हमेशा ही चर्चा में रही हैं। साल 2014 में उनका एक वीडियो भी वायरल हुआ था, जब वो बुलंदशहर की डीएम थीं। उस वीडियो ने सोशल मीडिया पर सनसनी मचा दी थी।

देश की धाकड़ महिला आईएएस अधिकारी के तौर पर जानी जाने वाली बी. चंद्रकला हमेशा सोशल मीडिया पर छाई रहती हैं। उनकी तस्वीरों को लोग इतना पसंद करते हैं कि वो जैसे अपने फेसबुक पोस्ट पर अपनी कोई तस्वीर डालती हैं, वो तुरंत ही वायरल हो जाती है। यहां तक कि वो अपनी तस्वीरों पर लाइक्स पाने के मामले में प्रधानमंत्री मोदी सहित कई बॉलीवुड सितारों को भी पीछे छोड़ चुकी हैं।

कानपुर-हमीरपुर में खनन घोटाले में छापे

सीबीआइ की टीम ने सुबह आठ बजे एमएलसी रमेश मिश्रा के भाई खनन ठेकेदार दिनेश मिश्रा के किदवई नगर के ब्लाक स्थित घर में छापा मारा। यहां पर करीब पौने तीन घंटे रुकने बाद सीबीआइ टीम वाई ब्लॉक स्थित सपा एमएलसी रमेश मिश्रा के घर में पहुंची। यहां पर एमएलसी नहीं मिले, जबकि घर में जांच के साथ परिजनों से भी पूछताछ की। इसके बाद टीम दोबारा करीब 2:08 बजे रमेश मिश्रा के घर से निकलकर के ब्लॉक स्थित दिनेश के घर पहुंच गई। यहां पर गहन छानबीन के बाद करीब तीन बजे टीम चली गई। बताया जा रहा है कि सीबीआइ की 13 सदस्यीय टीम खनन कारोबारी दिनेश के घर से एक बैग, दो लिफाफों में दस्तावेज आदि ले गई है। कहा जा रहा है कि टीम एक सीए भी मौजूद था।

एमएलसी रमेश मिश्रा के करीबी सुमित सिंह ने बताया कि महोबा के पूर्व विधायक बाबू लाल तिवारी का निधन होने पर उनकी अंत्येष्टि में शामिल होने रमेश मिश्रा गए हैं। घर में उनकी मां, पत्नी व दो बेटे हैं। उन्होंने बताया कि रमेश के पिता केबी मिश्रा महोबा के विधायक रह चुके हैं और उनके भाई दिनेश मिश्रा खनन कारोबारी हैं।

सीबीआइ ने खनन घोटाले के मामले में लखनऊ, कानपुर, हमीरपुर, जालौन, नोएडा और दिल्ली में 12 पर छापा मारा है। कई टीम ने सीबीआइ ने जालौन के उरई में बालू घाट संचालकों के प्रतिष्ठानों पर छापा मारा है। यहां पर सीबीआइ करन सिंह व रामअवतार राजपूत के घर के अंदर जांच पर रही है। सीबीआइ का यह छापा इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर मारा गया है। वर्ष 2015 में अवैध रूप से जारी मौरंग खनन को लेकर हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी।

हाईकोर्ट ने 16 अक्टूबर 2015 को हमीरपुर में जारी सभी 60 मौरंग खनन के पट्टे अवैध घोषित करते हुए रद कर दिए थे। सीबीआई खनन घोटाले मामले में बी चंद्रकला का घर खंगाल रही है। अवैध खनन पर सीबीआई की बड़ी कार्रवाइ है। हमीरपुर में एमएलसी रमेश मिश्रा और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संजीव दीक्षित के घरों में छापेमारी की गई है। इनसे सीबीआई बंद कमरे में पूछताछ कर रही है। मौरंग व्यवसायी के घरों में अलमारियों के ताले तोडऩे के साथ सीबीआइ सोफा व बेड को खोलकर तलाशी ली जा रही है। सीबीआई की 15 सदस्यीय टीम यहां पर कार्यवाही में जुटी है। दोनों ही व्यवसायी सपा सरकार में बडे पैमाने पर अवैध खनन में लिप्त थे।

You might also like More from author

Leave A Reply

Your email address will not be published.